बैगंण बरगे मूं आला ,

दुनिया के लिए एक सब्जी बैगंण का हरियाणवी भाषा में अलग अलग उपयोग …

बदशक्ल … बैगंण बरगे मूं आला ,
धमकी … तूं बैगंण पाड़ लिए ,
गरीब … पल्ले बैगंण नी तेरे ,
बेकार खाना … या के बैगंण बणा राख्या ,
बैगंण भी हाथ जोड़ के बोला ” ओ भाई माफी देदो ”
जवाब मिला ” माफी …हुंह बैगंण लेले ” 😅😅😂😂

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